पथरी निकालने से मौजूदा पथरी का इलाज होता है। लंबे समय के बचाव के लिए उसका कारण समझना और अपनी सेहत के अनुसार बदलाव चुनना ज़रूरी है।
समझाने के लिए चित्र — यह हॉस्पिटल या मरीज़ की तस्वीर नहीं है।
तरल पदार्थ की मात्रा तय करवाएँ
दिनभर नियमित रूप से पानी पिएँ। डॉक्टर से पूछें कि कितना तरल लेना है और क्या पेशाब की मात्रा का लक्ष्य रखना उपयोगी होगा; गर्मी, व्यायाम और पसीने से ज़रूरत बदलती है।
किडनी फ़ेल्यर, हृदय की पंप करने की क्षमता कम होने या तरल की तय सीमा होने पर अपनी व्यक्तिगत सीमा मानें। अचानक पथरी का दर्द होने पर ज़बरदस्ती बहुत पानी न पिएँ।
पथरी के प्रकार के अनुसार भोजन चुनें
अतिरिक्त नमक और बहुत नमकीन पैकेट वाले खाद्य पदार्थ कम करें। संतुलित आहार लें और स्वस्थ वज़न बनाए रखें। पशु-आधारित प्रोटीन या अधिक ऑक्सालेट वाले भोजन की सीमा पथरी और पेशाब की जाँच के अनुसार तय होती है।
दूध, दही या कैल्शियम वाले अन्य खाद्य पदार्थ अपने-आप बंद न करें। भोजन से सामान्य मात्रा में मिलने वाला कैल्शियम मददगार हो सकता है। सप्लीमेंट और सख़्त परहेज़ के बारे में डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ से बात करें।
बचाव के लिए आगे की जाँच कराते रहें
कहने पर पेशाब के साथ निकली पथरी जाँच के लिए संभालें। बार-बार पथरी होने पर इलाज योग्य कारण जानने के लिए खून की जाँच और तय समयावधि का पेशाब इकट्ठा करना पड़ सकता है।
बचाव की दवाएँ लिखे अनुसार ही लें और दर्द बंद होने पर भी तय स्कैन या जाँच कराएँ। बचाव से जोखिम घटता है, लेकिन पथरी फिर कभी नहीं होगी, इसकी गारंटी नहीं मिलती।